ख़बर शेयर करें -

देहरादून। इस साल गर्मियों में तापमान कहर बरपा सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-एनडीएमए ने सभी राज्यों के साथ रणनीति बनाना शुरू कर दिया। राज्यों के साथ ऑनलाइन बैठक में एनडीएमए अधिकारियों ने इस वर्ष अस्पतालों में अलग से हीट स्ट्रोक रूप बनाने, स्कूलों का समय बदलने और मनरेगा श्रमिकों के लिए कार्य के समय को परिवर्तित करने का सुझाव दिया। साथ ही हर राज्य को हीट वेव के मद्देनजर नोडल अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा है।

एनडीएमए के दिल्ली मुख्यालय से हुई ऑनलाइन बैठक में राज्य से आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव वीके सुमन के साथ यूएसडीएमए के एसीईओ आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी,जेसीईओ मो.ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ.बिमलेश जोशी शामिल हुए। आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ.नरेश कुमार ने बताया कि इस साल गतवर्ष की तुलना में अधिक तापमान रहने की संभावना है। हीट सीजन की घोषणा कर दी गई है। मार्च, अप्रैल और मई में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इसके साथ ही हीट वेव के दिन भी अधिक रहने का अनुमान है। इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

एनडीएमए के अधिकारियों ने गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन करने तथा मनरेगा मजदूर तथा श्रमिकों के कार्य करने के लिए समय में परिवर्तन करने की सलाह दी।इससे वे भी गर्मी के प्रकोप से बच सकेंगे। उन्होंने सभी राज्यो को हीट वेव एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए। अपर निदेशक-नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल डॉ आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि हीट वेव को देखते हुए सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है। हीट स्ट्रोक पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके, इसके लिए डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देने, सभी स्वास्थ्य केद्रों में कूलिंग अप्लायंसेज की व्यवस्था करने, विद्युतापूर्ति की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने, सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था करने, कुल रूफिंग सॉल्यूशंस को पायलट प्रोजेक्ट के तहत संचालित करने तथा प्रत्येक राज्य से एक हीट नोडल ऑफिसर की तैनाती करने को कहा।

Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page