
देहरादून। एलयूसीसी घोटाले में शासन ने आरोपियों की देहरादून स्थित सभी छह संपत्तियों को बड्स एक्ट के तहत कुर्क कर लिया है। इन संपत्तियों की नीलामी के लिए शासन की ओर से स्पेशल कोर्ट में बृहस्पतिवार को प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत कर दिया गया।
इसके अलावा शासन ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित संपत्तियों को कुर्क और नीलाम कराने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकारियों की टीम भेज दी गई हैं। प्रदेश के लोगों से एलयूसीसी कंपनी ने जमा योजनाओं के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये ठगे थे। इसकी जांच पिछले साल नवंबर से सीबीआई की देहरादून शाखा कर रही है। अनियमित जमा योजनाओं पर पाबंदी अधिनियम (बड्स एक्ट) के तहत आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क किया जाना है।
सीबीआई ने उत्तराखंड शासन को मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसके परिवार से जुड़ी संपत्तियों का ब्योरा भेजा था। इनमें देहरादून में छह संपत्तियां हैं। जबकि, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बारबंकी और जालौन में 20 संपत्तियां खरीदी गई हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के नवी मुंबई व ठाणे जिलों में आठ अचल सपत्तियां चिह्नित की गई हैं।
वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून की छह संपत्तियों को गत पांच जून को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। इनकी नीलामी के लिए बृहस्पतिवार को स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत कर दिया गया है। न्यायालय की अनुमति के बाद इन संपत्तियों की नीलामी के बाद निवेशकों का पैसा वापस किया जाएगा। उधर, शासन ने उप सचिव सुनील सिंह को लखनऊ और संयुक्त सचिव वित्त को मुंबई में इन संपत्तियों को कुर्क कराने की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी है।

