
हरिद्वार। तहसील हरिद्वार में करीब छह बीघा बेशकीमती जमीन के घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। इसमें मृतका के फर्जी अंगूठे से शपथ पत्र तैयार कर दाखिल खारिज कर दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त ने डीएम से रिपोर्ट तलब की है। डीएम की रिपोर्ट पर जमीन घोटाला समन्वय समिति की ओर से निर्णय लिया जाएगा।
यह मामला हरिद्वार तहसील के मौजा नूरपुर पंजनहेड़ी के खाता संख्या-108, नया 223, खसरा नंबर 48 से जुड़ा है, जिसका क्षेत्रफल 4.6840 हेक्टेयर है। इसमें से 0.390 हेक्टेयर (करीब छह बीघा) भूमि शिकायतकर्ता सुनीता शर्मा निवासी ग्राम मिस्सरपुर, कनखल हरिद्वार के भाग की है। सुनीता शर्मा ने पूर्व में शिकायत दर्ज कराई थी कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली महिला के नाम पर उत्तराखंड में जमीन खरीदी गई जबकि बाहर का व्यक्ति हरिद्वार में इतनी जमीन नहीं खरीद सकता है।
हैरत की बात यह है कि जिस विमला देवी से जमीन की खरीद करने का दावा किया गया, उसकी मृत्यु 10 जनवरी 2008 को हो चुकी थी लेकिन आरोपियों ने जमीन को हड़पने के लिए विमला देवी की मृत्यु के ठीक 4 साल बाद 16 अगस्त 2012 की तिथि में उनके फर्जी अंगूठे के निशान लगाकर एक फर्जी शपथ पत्र तैयार कर दाखिल खारिज करा ली गई।
मामले की जांच होने पर दाखिल खारिज को 2014 और 2015 में निरस्त कर दिया गया। मगर आरोपियों ने फिर से 2022 में फर्जी ढंग से जमीन की दाखिल खारिज अपने नाम करा ली। मामले से एसडीएम और डीएम से कार्रवाई की मांग की गई, पर, चार साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता सुनीता ने गढ़वाल मंडल आयुक्त को शिकायत की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वाल मंडल आयुक्त के निर्देश पर गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) उत्तम सिंह चौहान ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को पूरे प्रकरण में जांच 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। अपर आयुक्त ने कहा है कि जांच रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि जमीन घोटाला हुआ या नहीं। कहा कि जांच रिपोर्ट समय से उपलब्ध करा दी जाए ताकि समन्वय समिति की बैठक में फैसला लिया जा सके।

