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नई दिल्ली। ट्रेन में खाने-पीने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर रेलवे ने सख्त कदम उठाते हुए देहरादून शताब्दी के कैटरिंग ठेकेदार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही देहरादून स्थित ठेकेदार का बेस किचन सील कर दिया गया है। रेल यात्री ने खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शिकायत की थी।

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म (आईआरसीटीसी) ने 24 अगस्त को आदेश जारी किया है। इसमें उल्लेख है कि 22 अगस्त को देहरादून शताब्दी (12018) ई-2 कोच के यात्री ने ऑन बोर्ड कैटरिंग स्टाफ को खाने में प्लास्टिक धागे की शिकायत दर्ज की। इसके अलावा यात्री ने कहा कि उसे हैंड सैनिटाइजर और टिशू पेपर नहीं दिया गया। इस पर स्टाफ ने माफी मांगी और दूसरा खाना देने की पेशकश की, लेकिन यात्री ने अपनी शिकायत वापस नहीं ली। इस शिकायत के आधार पर आईआरसीटीसी के डीजीएम-कैटरिंग एम. दिनकर ने कैटरिंग ठेकेदार (दून्स कैटरर्स) पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा विभाग देहरादून स्थिति ठेकेदार के बेस किचन का ऑडिट करेगा। इसमें बेस किचन की डीप सफाई, ब्राडेड खाद्य सामग्री आदि की जांच की जाएगी। तब तक किचन सील रहेगा।

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