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देहरादून। राजपुर रोड पर रिलायंस के ज्वैलरी शोरूम में हुई डकैती के खुलासे के लिए पुलिस अब संदिग्ध गैंगों में शामिल अपराधियों की धरपकड़ में जुट गई है। एक गैंग के सरगना सुबोध सिंह से लातूर में महाराष्ट्र और उत्तराखंड पुलिस पूछताछ कर रही है। सुबोध बिहार की जेल में बंद था, पता चला है कि वो जेल में रहकर अपनी और सहयोगी गैंग को ऑपरेट करता था। संभावना जताई जा रही है कि इन्हीं गैंगों ने दून की घटना को अंजाम दिया।

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि संदिग्ध गैंग में शामिल अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए विभिन्न प्रांतों में टीमें दबिश दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सुबोध सिंह पुत्र ईश्वरी सिंह निवासी चिश्तीपुर चंडी थाना चंडी जिला नालंदा बिहर की गैंग द्वारा बिहार सहित विभिन्न राज्यों में इस प्रकार की 20 से अधिक लूट और डकैती की घटनाओं को अंजान दिया गया है।

उन्होंने फाइनेंस कंपनियों, ज्वैलरी शोरूम और बैंकों को टारगेट किया और हथियारों के दम पर लूट की। सुबोध और उसके सहयोगी गैंगों पर विभिन्न राज्यों में संगीन धाराओं में लगभग दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि सुबोध को फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस की ओर से कस्टडी रिमांड पर लातूर लाया गया है, जहां देहरादून पुलिस की टीम उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में दून की डकैती से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गैंग द्वारा बिहार और पश्चिम बंगाल की जेल में बंद लड़कों को लूट या डकैती के लिए हायर किया जाता है। उन्हें प्रत्येक टास्क के लिए बाकायदा पांच से 10 लाख रुपये एडवांस दिए जाते हैं। यही नहीं हर घटना के लिए अलग-अलग लड़कों का इस्तेमाल होता था, ताकि गैंग के सदस्य एक-दूसरे को न जान पाएं। घटना में प्रयुक्त होने वाले वाहनों का इंतजाम गैंग लीडर द्वारा किया जाता है।

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