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रुद्रपुर। शिमला में सात सितंबर को हुई चोरी का माल हड़पने के आरोप में आबकारी विभाग के दरोगा और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की संस्तुति पर आबकारी आयुक्त ने यह कार्रवाई की। वहीं उपनल कर्मी, पीआरडी जवान की सेवा समाप्ति के लिए संबंधित विभागों से संस्तुति की है।

 

शिमला, कालीबाड़ी निवासी रेनू ने सोने-हीरे के गहने, चांदी के सिक्के, नगदी और एक दर्जन घड़ी चोरी होने की शिकायत थाना सदर में दी थी। आरोप था कि नेपाल मूल की नौकरानी करिश्मा और उसके तीन साथियों ने खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर वारदात को अंजाम दिया। आठ की सुबह बॉर्डर पर आबकारी टीम चेकिंग कर रही थी। टैक्सी से नेपाल जा रहे आरोपियों के वाहन को चेक किया तो उसमें चोरी का सामन मिला।

 

आरोप है कि चेकिंग टीम ने बरामद सामान से जेवरात और अन्य सामान हड़प लिया और आरोपियों को छोड़ दिया। इसके बाद हिमाचल पुलिस जांच करते हुए रुद्रपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सीसीटीवी फुटेज देखे। बॉर्डर के कैमरों की फुटेज से आबकारी विभाग के दरोगा देवेंद्र कुमार निवासी रामनगर, कांस्टेबल बलजीत सिंह निवासी किच्छा, उपनल कर्मी पप्पू लाल निवासी गदरपुर और पीआरडी जवान नईम निवासी केलाखेड़ा की पहचान की। जांच उप आयुक्त आबकारी विवेक सोनकिया को सौंपी गई है।

जिला आबकारी अधिकारी महेन्द्र बिष्ट ने बताया कि डीएम नितिन भदौरिया ने आरोपी दरोगा और कांस्टेबल के निलंबन की संस्तुति करते हुए आबकारी आयुक्त को पत्र भेजा था। इसके बाद आयुक्त ने उनको निलंबित कर दिया। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि हिमाचल पुलिस आबकारी विभाग के दरोगा, कांस्टेबल, उपनल कर्मी और पीआरडी जवान को गिरफ्तार कर हिमाचल ले गई थी।

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