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कोटद्वार। कोटद्वार के भाबर क्षेत्र के अंतर्गत सिगड्डी के दलीपपुर गांव में बीते 19 मई की रात वृद्ध दंपती (ताई और ताऊ) पर लोहे के पाइप से जानलेवा हमला करने का मामला दोहरे हत्याकांड में तब्दील हो गया है। हमले के दस दिन बाद बृहस्पतिवार को घायल कृपाल सिंह मेहरा (70) ने उपचार के दौरान हरिद्वार के एक प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी नंदी देवी (62) की घटना के दिन ही मौत हो गई थी।
बताते चलें कि भाबर के सिगड्डी क्षेत्र के दलीपपुर गांव में कृपाल सिंह और उसके सगे भाई कुंदन सिंह मेहरा के बीच लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है। 19 मई की रात करीब 9:30 बजे के बाद कृपाल सिंह ट्रैक्टर-ट्राॅली से अपने खेत के पास पत्थर गिरवा रहा था। इसकी जानकारी लगते ही पास के गांव गंदरियाखाल के निवासी उनके भाई कुंदन सिंह मेहरा का बेटा राहुल मेहरा मौके पर पहुंचा और पत्थर डालने को लेकर झगड़ने लगा। इस बीच कृपाल सिंह और उनकी पत्नी नंदी देवी खेत में आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि राहुल ने लोहे के पाइप से दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया।

नंदी देवी (62) की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। जबकि कृपाल सिंह को गंभीर हालत में कोटद्वार बेस अस्पताल से हरिद्वार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हमलावर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे घटना के अगले दिन गिरफ्तार कर लिया था। मृतक के छोटे बेटे अनिल मेहरा ने बताया कि उनके घायल पिता को मेट्रो अस्पताल सिडकुल हरिद्वार में आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
इस बीच उनके सिर और पैर का ऑपरेशन भी हुआ। बृहस्पतिवार दिन में उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घर के दोहरी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों नंदी देवी की शुक्रवार को तेरहवीं की तैयारी कर ही रहे थे कि दूसरी मौत से कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में कृपाल सिंह का पोस्टमार्टम करवाया गया, इसके बाद चंडीघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कोटद्वार के कोतवाल रमेश तनवर ने कहा कि नंदी देवी हत्याकांड में उनके पति घायल कृपाल सिंह की भी बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई है। मुकदमा पहले से पंजीकृत है। हमलावर न्यायिक अभिरक्षा में हैं। विवेचना जारी है। इस मामले में यदि और लोग भी संलिप्त पाए जाएंगे तो उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।

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