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रुद्रपुर। एसीजेएम शमा परवीन की अदालत ने पहली शादी की जानकारी छिपाकर दूसरी शादी करने के मामले में एक सैन्यकर्मी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने उसे मारपीट समेत अन्य आरोपों से बरी कर दिया। सह आरोपियों को भी दोषमुक्त कर दिया गया।

 

अभियोजन के अनुसार, रुद्रपुर निवासी शालू पांडेय ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि बरेली के जौहरपुर निवासी राजीव शर्मा ने वर्ष 2015 में एक मैरिज वेबसाइट के माध्यम से उससे संपर्क किया। राजीव ने स्वयं को सेना में कार्यरत बताते हुए कहा कि उसका अपने परिवार से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद 14 मई 2015 को रुद्रपुर के एक होटल में दोनों का विवाह हुआ। शादी के कुछ समय बाद राजीव के व्यवहार पर संदेह होने पर शालू के परिजनों ने अमृतसर स्थित उसकी सैन्य यूनिट से जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि राजीव पहले से विवाहित है और उसके तीन बच्चे भी हैं। इसके बाद शालू ने महिला हेल्पलाइन में शिकायत की। समझौते के बाद वह ससुराल गई, लेकिन वहां उसका उत्पीड़न किया गया। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने पर कोर्ट के आदेश पर कोतवाली रुद्रपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी ने पहली पत्नी के जीवित रहते यह तथ्य छिपाकर दूसरी शादी की। इसी आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, अन्य आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपी को राहत दी गई।

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