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हल्द्वानी। वन विभाग द्वारा बागजाला, गौलापार में ग्रामीणों को नोेटिस देने की कार्यवाही के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा 24 नवम्बर को किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बागजाला के ग्रामीणों के साथ ही किसान महासभा के पदाधिकारी शामिल रहेंगे। यह जानकारी किसान महासभा के जिलाध्यक्ष भुवन जोशी ने दी।

उन्होंने कहा कि, जब से भाजपा सरकार प्रदेश में आई है तब से प्रदेश भर में गरीब जनता को उसकी काबिज जमीन से उजाड़ा जा रहा है। गरीब लोगों द्वारा पूरी जिंदगी की कमाई से बनाए मकान और बस्तियां तोड़ दी जा रही हैं। पिछले दो साल से बागजाला (गौलापार) में भी यहां के निवासियों को उजाड़ने की कोशिश भाजपा सरकार द्वारा की जा रही है। पहले तो भाजपा सरकार के रहते हुए यहां के लोगों को ग्राम पंचायत के अधिकार से बेदखल करते हुए यहां के लोगों से ग्राम सभा में वोट करने का अधिकार छीन लिया गया। उसके बाद लगातार यहां के लोगों वन विभाग के माध्यम से नोटिस थमाए जा रहे हैं। उससे पहले किसी भी नए मकान बनने पर रोक लगा दी गयी, हर घर नल योजना रोक दी गई, वन विभाग द्वारा सरकारी सीसी रोड रोक दी गई। वन विभाग की इन जनविरोधी कार्यवाहियों से हजारों की संख्या वाले बागजाला वासी दहशत में हैं। अपनी जिंदगी भर की मेहनत की पूंजी लगाकर बनाए गए घरों पर संकट छा गया है। जानकारी होने के बावजूद भाजपा के सांसद, विधायक व अन्य नेता कान में तेल डालकर बैठे हैं। इसलिए अखिल भारतीय किसान महासभा के द्वारा किसान पंचायत बुलाकर अपने हक-अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने की रणनीति तय करने के लिए 24 नवम्बर (रविवार) को सुबह 10 बजे बागजाला के जसबु थान के मंदिर पर इस किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा।

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