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कर्णप्रयाग। सत्र न्यायाधीश (शिविर न्यायालय कर्णप्रयाग) की अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा न करने पर दोषी पति को 30 दिन के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। दोषी घटना के बाद से ही जिला करागार पुरसाड़ी में बंद हैं।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भारत भूषण पुरोहित ने बताया कि वादी जोगेंद्र सिंह ने थाना गैरसैंण में तहरीर देकर बताया था कि उसकी लड़की बीना देवी का विवाह वर्ष 2011 में भरत सिंह नेगी निवासी ग्राम प्यूंरा, तहसील आदिबदरी के साथ हुआ था। बच्चे न होने के कारण बीना देवी का पति भरत सिंह उसे मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता था। दिनांक 20 जून 2021 को उसे सूचना दी गई कि बीना देवी ने आत्महत्या कर दी है तुम लोग यहां आ जाओ। जिस पर वादी अन्य लोगों को साथ लेकर अपनी बेटी के ससुराल प्यूंरा गए। जहां निर्माणाधीन कमरे में बीना देवी का शव फेंक रखा था और घर पर उसका पति भरत सिंह मौजूद था। एडीजीसी भारतभूषण पुरोहित ने बताया कि पोस्टमार्टम में बीना देवी का मृत्यु का कारण गला घोंटने से होना पाया गया। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने भरत सिंह को बीना देवी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन करावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।

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