
पिथौरागढ़। मड़ेगांव (वड्डा) में शनिवार को एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 14 वर्षीय इकलौते बेटे जतिन जोशी की अचानक मौत की खबर से मां पूनम जोशी उर्फ पुष्पा गहरे सदमे में आ गईं। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने घाट क्षेत्र में सरयू नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव में बहने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने नदी से उनका शव बरामद कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, मड़ेगांव निवासी कैलाश चंद्र जोशी का 14 वर्षीय बेटा जतिन शनिवार सुबह रोज की तरह झौलखेत मैदान में दौड़ने गया था। दौड़ने के बाद घर लौटते समय रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। पीछे से आ रहे बच्चों ने उसे देखा और परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जतिन की मां पूनम उसे टैक्सी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर अचानक तबीयत बिगड़ने को मौत का कारण बताया जा रहा है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घाट पहुंचते ही नदी में लगाई छलांग
बेटे की मौत से पूनम गहरे सदमे में थीं। बताया गया कि अस्पताल से निकलने के बाद वह मुंह कपड़े से ढककर देवसिंह पार्किंग पहुंचीं और गंगोलीहाट जाने वाली टैक्सी में बैठ गईं। पिथौरागढ़ से करीब 30 किलोमीटर दूर घाट क्षेत्र में पहुंचने पर उन्होंने कुछ सामान लेने की बात कहकर चालक से वाहन रुकवाया।
वाहन रुकते ही वह अचानक नीचे उतरीं और सरयू नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में कूदते देख वहां मौजूद एक होटल स्वामी ने उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई, लेकिन नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण वह महिला तक नहीं पहुंच सके।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और नदी में तलाश शुरू की। कुछ देर बाद महिला का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो साल पहले बेटी को भी खोया था
परिवार पहले ही एक बड़ी त्रासदी झेल चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले कैलाश चंद्र जोशी और पूनम जोशी की बड़ी बेटी की मधुमेह की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अब इकलौते बेटे की अचानक मौत के बाद मां की भी जान चली गई। एक ही दिन में मां और बेटे की मौत से मड़ेगांव क्षेत्र में शोक की लहर है।
बताया गया है कि कैलाश चंद्र जोशी असम राइफल्स में कार्यरत हैं और वर्तमान में त्रिपुरा में तैनात हैं। परिवार में हुई इस लगातार दूसरी बड़ी त्रासदी से गांव में मातम पसरा हुआ है।

