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देहरादून। होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएशन डिग्री धारक युवाओं को विदेश में क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर 52 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोप है कि झारखंड निवासी दंपती ने 11 युवाओं को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया और यूएई भेज दिया। कई दिनों तक युवा वहीं फंसे रहे। जैसे-तैसे सरकार की मदद से युवा वहां से भारत लौटे तो अब उनके इंस्टीट्यूट के प्रबंधन की ओर से आरोपी दंपती के खिलाफ प्रेमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि नंदा चौकी स्थित मां गंगे इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड प्रोफेशनल स्टडीज (एमजीआईएचएम) के उपाध्यक्ष शंकर सिंह अधिकारी ने शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की बीबीएसएम ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इस ठगी की आरोपी है। इस कंपनी को नीतीश कुमार और उसकी पत्नी एस कुमारी संचालित करते हैं। आरोपियों ने छात्रों व कॉलेजों से संपर्क कर उन्हें विदेश में क्रूज पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। युवाओं से लाखों रुपये लिए गए।

 

युवाओं को टूरिस्ट वीजा पर दुबई और मलेशिया भेज दिया गया। उनसे वादा किया गया कि दुबई स्थित अल बोर्ज यॉट मरीन सर्विस एलएलसी और जीएस एंड एल एलएलसी के जरिए उनका वीजा रोजगार में बदल दिया जाएगा।

 

आरोपियों ने उनके हवाई टिकट कराए और फिर उन्हें होटलों में ठहराया। वैधता का दिखावा करने के लिए छोटी समुद्री यात्राओं पर भी ले जाते थे। एक बार भरोसा जीतने के बाद दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाओं के बहाने उनसे और रुपये लिए गए। कुल मिलाकर इन 11 युवाओं से 52 लाख रुपये ठग लिए गए।

शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी के पाकिस्तान में रहने वाली नायला नाम की महिला से संपर्क हैं। आरोपी का ड्राइवर बांग्लादेशी है। इससे मामले में मानव तस्करी और संगठित वित्तीय अपराध संभावना जताई गई है।

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