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हरिद्वार। आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी का खुलासा किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक स्कूटी, प्लॉट की रजिस्ट्री, फर्जी आधार कार्ड, डेबिट कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि पुराना रानीपुर मोड़ स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा प्रबंधक अपूर्व दुबे की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि खाताधारक की जानकारी के बिना फर्जी तरीके से डेबिट कार्ड बनाकर खाते से लाखों रुपये निकाले गए। पुलिस ने इस मामले में भगवानपुर क्षेत्र में दबिश देकर संगीता देवी पत्नी विकास कुमार निवासी हाल ग्राम सिसौना थाना भगवानपुर मूल निवासी ग्राम पोस्ट संकर सरैया मुंशी इनार जिला पूर्वी चम्पारण बिहार, अपेंदर कुमार सहगल पुत्र पाल सिंह निवासी 39 जन्ता रोड गोविंद विहार थाना जनकपुरी जिला सहारनपुर और रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार पुत्र हुकुम चंद निवासी 90 गांव, मेगछापर थाना कुतुबशेर जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग का सहारा लेकर नया डेबिट कार्ड हासिल किया।

उसी कार्ड से एटीएम से नकदी निकाली। इससे करीब 35 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी गई। बाद में ज्वेलरी बेचकर मिले पैसों से प्लॉट और स्कूटी खरीदी।
पुलिस ने बताया कि गिरोह बड़ी कंपनियों के बैंक खातों को निशाना बनाता था। फोन बैंकिंग और बैंकिंग प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाकर डेबिट कार्ड जारी कराया जाता था। इसके बाद उससे नकदी निकासी और खरीदारी की जाती थी। जांच में कई अन्य कंपनियों के खाते भी आरोपियों के निशाने पर होने की जानकारी मिली है।

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