
नैनीताल। नैनीताल के मल्लीताल अयारपाटा में साढ़े पांच वर्ष पूर्व हुए अंशु शर्मा हत्याकांड में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने मृतका के पति दीप शर्मा को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह पूरी राशि मृतका के परिजनों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। मामले के अनुसार, 2 फरवरी 2021 को भीमताल निवासी नीरज पलड़िया ने मल्लीताल थाने में अपनी बहन अंशु की दहेज के लिए हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने 15 गवाह पेश किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि अंशु की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी और उसके शरीर पर चोटों के छह निशान थे। घटना के वक्त आरोपी घर पर था, पर उसने न तो पुलिस को सूचना दी और न अंतिम संस्कार में शामिल हुआ। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दीप शर्मा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

