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देहरादून- उत्तराखंड में आयुष्मान कार्ड बनाने वाले सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। इससे न केवल कार्ड आसानी से बनेंगे, बल्कि लोगों को खुद ही कार्ड बनाने का विकल्प भी मिलेगा ।

आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत 25 लाख कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पोर्टल पर भारी दबाव है और साइट बार-बार हैंग हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह मुद्दा शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने उठाया। इसके बाद एनएचए की टीम राज्य में पहुंची है, जिसने सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया है। इसके बाद कई स्थानों पर साइट ने काम शुरू कर दिया है। जबकि कुछ स्थानों पर एक दो दिन

आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत 25 लाख कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा

में यह पोर्टल काम शुरू कर देगा। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए बीआईएस वन सॉफ्टवेयर यूज हो रहा था जबकि अब इसे अपडेट कर बीआईएस थ्री से काम हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें सीएचसी और अस्पतालों के अलावा आम लोगों के लिए आयुष्मान भारत मोबाइल एप के जरिए खुद कार्ड बनाने की भी सुविधा दी गई है। योजना के तहत पांच साल से अधिक उम्र के सभी पात्र लोगों के कार्ड बनाए जाने हैं।

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