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खटीमा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजू मुंडे ने पुत्र की हत्या के मामले में पिता को आजीवन कारावास और दस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

25 नवंबर 2022 को नेतराम पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम गिधौर थाना न्यूरिया पीलीभीत ने पुलिस को तहरीर सौंपी। बताया कि उसने अपने भतीजे हरीश पुत्र हरप्रसाद को बचपन से पाला पोसा था। जब बड़ा हो गया तो उसे माता-पिता के पास मझोला भेज दिया। मझोला में हरीश चाट का ठेला लगाता था, लेकिन उसके मझोला जाने के बाद से ही उसका पिता उससे काफी नाराज रहता था। आए दिन पिता-पुत्र में लड़ाई-झगड़ा होता था। बताया कि 25 नवंबर 2022 को जब हरीश दिन में अपने घर में सो रहा था तो उसका पिता हरप्रसाद शराब पीकर आया और दोनों में पहले गाली-गलौज हुई। इसके बाद हरप्रसाद ने कुल्हाड़ी से हरीश के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी हरप्रसाद के खिलाफ धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपी को 27 नंवबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने 13 अप्रैल 2023 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में जिला सहायक अभियोजन अधिकारी सौरभ ओझा ने नौ गवाह पेश किए। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजू मुंडे ने हत्यारोपी पिता हरप्रसाद को आजीवन कारावास और दस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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