
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पहाड़ से लेकर मैदान तक बादलों का डेरा है और लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मैदानी क्षेत्रों में उमस से राहत मिली।
वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज बारिश आफत बनकर बरसी है। भूस्खलन की घटनाओं के चलते कुछ ग्रामीण संपर्क मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना है, जबकि नदियां और बरसाती नाले उफान पर आने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। बुधवार को भी प्रदेश के नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
प्रदेश में मंगलवार को सबसे अधिक 107 मिलीमीटर वर्षा पंतनगर में दर्ज की गई। कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा और लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
देहरादून में सुबह से बादल मंडराते रहे और दिनभर रिमझिम वर्षा हुई। जिससे कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। हालांकि, पारा गिरने से उमस से राहत मिली।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई गई है। वहीं, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

