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काशीपुर। प्रेम प्रसंग के चलते टेंट कारोबारी संजीव कुमार की हत्या की साजिश उसकी पत्नी ने रची थी। पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर गोली मारने वाले दो किशोरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं।

 

एसएसपी अजय गणपति ने हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त की सुबह प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक कार मिली थी। कार में युवक का शव पड़ा था। शरीर पर चोट के निशान होने के कारण शुरुआती तौर पर मामला सड़क हादसे का प्रतीत हुआ। हालांकि, पंचायतनामा के दौरान मृतक के गले पर चोट का संदिग्ध निशान मिला। मृतक की पहचान बाजावाला कुंडेश्वरी निवासी 24 वर्षीय संजीव कुमार पुत्र स्व. सोमल सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गोली मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि निशा का उसके घर आने-जाने वाले गांधी नगर काशीपुर निवासी एक किशोर से प्रेम प्रसंग था। वह किशोर संजीव के टेंट हाउस में काम करता था। पुलिस के अनुसार, निशा अपने पति से होने वाले विवादों की जानकारी किशोर को देती थी। इसके बाद दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और किशोर ने अपने साथ में काम करने वाले रामनगर निवासी साथी को भी साजिश में शामिल कर लिया। 16 अगस्त को एक किशोर का जन्मदिन था। जन्मदिन की पार्टी के बहाने दोनों किशोर संजीव को उसकी कार से रामनगर ले गए। राजपुर रोड थारी के पास आरोपियों ने योजना के मुताबिक संजीव पर तमंचे से गोली चला दी। गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में जा गिरी। आरोपी कार में छोड़कर फरार हो गए और निशा को फोन पर जानकारी दी। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने सर्विलांस की मदद से दोनों किशोरों को मालवा फार्म पुलिया क्षेत्र से पकड़ लिया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर संजीव की पत्नी निशा की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचना के दौरान दोनों किशोरों के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच में उनके नाबालिग होने की पुष्टि हुई। दोनों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा से पूछताछ की। उसके शुरुआती बयानों का मोबाइल सीडीआर, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच से मिलान किया गया तो कई विरोधाभास सामने आए। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदलते हुए मृतक की पत्नी और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों पर फोकस किया। जांच आगे बढ़ने पर हत्या की साजिश में निशा की भूमिका सामने आई।

 

घटना के बाद संजीव की पत्नी ने खुद ही प्रेमी समेत दो लोगों के खिलाफ पति की हत्या का केस दर्ज कराया। इस कारण शुरुआत में पुलिस को पत्नी पर शक नहीं हुआ और वह संजीव के अन्य प्रेम-प्रसंगों या रुपयों के लेन-देन के बिंदुओं से ही जांच करती रही। बाद में सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर लोकेशन और पत्नी के बयानों में विरोधाभास आने के कारण पुलिस के शक की सुई पत्नी की तरफ घूम गई।

पुलिस के अनुसार, संजीव की पत्नी और किशोर ने पहले रामनगर में ही संजीव की हत्या करने की योजना बनाई थी, लेकिन वे उसे कार से उतारने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद दोनों उसके साथ प्रतापपुर तक पहुंचे। निशा का नाबालिग प्रेमी संजीव पर गोली नहीं चला सका, इसके बाद उसके साथी ने गोली चला दी। किशोर ने निशा को फोन इसकी जानकारी दी।

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