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अल्मोड़ा। सल्ट क्षेत्र में बरामद 161 जैलेटिन ट्यूबों से जुड़ी गुत्थी अल्मोड़ा पुलिस ने मात्र कुछ दिनों में सुलझा ली। एसएसपी की ओर से बनाई गई विशेष टीमों ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस टीम ने भी राहत की सांस ली है।
21 नवंबर की रात राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभरा के पास झाड़ियों से 161 जैलेटिन ट्यूब बरामद होने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सल्ट थाना पुलिस ने धारा 4(क) विस्फोटक पदार्थ अधिनियम/288 बीएनएस में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हरबंस सिंह और सीओ रानीखेत विमल प्रसाद के नेतृत्व में चार टीम गठित की। बम डिस्पोज़ल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड, एलआईयू, आईआरबी और स्थानीय पुलिस को भी मौके पर भेजकर घटनास्थल के आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

पुलिस टीम ने प्रशांत कुमार बिष्ट (35) निवासी गरसारी, पाटी चंपावत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2016–17 में उसने तीन किलोमीटर सड़क निर्माण का ठेका लिया था। वर्ष 2018 में चट्टान मिलने पर उसके पार्टनर लवी ने किसी से बातचीत कर जैलेटिन ट्यूब मंगाई थीं, जो काम खत्म होने के बाद कमरे में ही पड़ी रह गई थीं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने डभरा सड़क निर्माण के दौरान कमरा किराए में लिया था। छह से सात साल तक किराये का कमरा खाली नहीं कर पाया था। जून 2025 में मकान मालिक हिम्मत सिंह ने उससे संपर्क किया, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद कमरे का ताला तोड़कर सफाई कराई गई। मजदूरों ने कमरे से निकले सामान, जिनमें जैलेटिन ट्यूब भी शामिल थीं को अनजाने में झाड़ियों में फेंक दिया। मकान मालिक को इस सामग्री के विस्फोटक होने की जानकारी नहीं थी।
अल्मोड़ा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा कर संभावित खतरे को टाल दिया है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद अब पुलिस इस प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। संवाद
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने बताया कि जिलेटिन की 161 छड़ जिसकी थी उसे गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

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