
रुद्रपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने भूमि विवाद को लेकर दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू मिश्रा को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ग्राम मलसी लंका निवासी शिकायतकर्ता की करीब सवा दो एकड़ जमीन ग्राम प्रीतनगर में राकेश मिश्रा की जमीन से लगी हुई थी। जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। आरोप लगाया था कि राकेश मिश्रा और उसके भाई राजेश मिश्रा जमीन कम कीमत पर खरीदने के लिए दबाव बना रहे थे और धमकी देते थे। 15 जून 2021 को दोपहर करीब दो बजे शिकायतकर्ता अपने पुत्र गुरपेज सिंह और गुरकीर्तन सिंह के साथ खेत में धान की फसल की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान राकेश मिश्रा अपने भतीजों शुभम मिश्रा, शिवम मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति के साथ वहां पहुंचा। मेड़ को लेकर विवाद के बाद फायरिंग हुई, जिसमें गुरपेज सिंह और गुरकीर्तन सिंह को गोली लगी और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में थाना रुद्रपुर में धारा 302, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हथियार से संबंधित मामले में आयुध अधिनियम के तहत अलग अभियोग दर्ज हुआ। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी लक्ष्मी नारायण पटवा ने 19 गवाहों को न्यायालय में पेश किराया। अदालत ने धारा 302 के तहत राकेश मिश्रा को कठोर आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं आयुध अधिनियम की धारा 27(1) के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अदालत ने धारा 504 और 506 तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 के आरोपों में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दोनों मामलों की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। आरोपी को इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि का नियमानुसार सेट ऑफ भी दिया जाएगा।

