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देहरादून। चारधाम यात्रा में इस बार दर्शन के लिए टोकन सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। धाम में पहुंचने पर तीर्थयात्रियों को टोकन दिया जाएगा। जिसमें दर्शन करने का समय निर्धारित होगा।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने पिछले साल धामों में भीड़ प्रबंधन व दर्शन को सुगम बनाने के लिए टोकन सिस्टम को लागू किया था। लेकिन यह व्यवस्था सिरे नहीं चढ़ पाई। कपाट खुलने के दिन ही केदारनाथ धाम में भीड़ बढ़ने से दर्शन के लिए दो से तीन किमी. तक लंबी लाइन लगी। इस बार धामों में भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम में दर्शन के लिए स्लॉट मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं।

धामों में व्यवस्थित ढंग से टोकन सिस्टम लागू होता है तो तीर्थयात्रियों को दर्शन करने के लिए लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। तीर्थयात्रियों को यात्रा पंजीकरण के आधार पर धामों में पहुंचने के बाद टोकन मिलेगा। जिसमें दर्शन के लिए समय निर्धारित होगा। जिससे तीर्थयात्री टोकन में दिए गए समय पर ही दर्शन कर सकते हैं। लाइन में खड़ा होने के बजाय तीर्थयात्रियों को धामों में आसपास के क्षेत्र के लिए समय मिल सकेगा।
चारधाम यात्रा पर आने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। जब तीर्थयात्री धाम में पहुंचेगा तो उसे यात्रा पंजीकरण दिखाने पर टोकन मिलेगा। जिसमें दर्शन करने का समय दिया जाएगा।
चारधाम यात्रा पर आने के लिए अब तक पंजीकरण का आंकड़ा 17 लाख पार कर चुका है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए 5.73 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 5.04 लाख, गंगोत्री के लिए 3.01 लाख, यमुनोत्री के लिए 2.78 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

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