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देहरादून। देहरादून में 55.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में एसटीएफ ने पंजाब के फाजिल्का से सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू (26) को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से छह लाख रुपये जमा हुए थे। जांच में उसके खाते के विरुद्ध साइबर अपराध से जुड़ी छह अन्य शिकायतें भी सामने आई हैं।

पुलिस के मुताबिक, पंडितवाड़ी निवासी चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों ने उन्हें एसबीएसबीएल कम्युनिटी/वीआईपी कम्युनिटी नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा था। ग्रुप में खुद को सेबी रजिस्टर्ड सलाहकार बताकर आरोपियों ने निवेश के लिए भरोसा दिलाया। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज, डीमैट अकाउंट और सीडीएसएल / एनएसडीएल के दस्तावेज दिखाकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया गया।

इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।

 

एसटीएफ के अनुसार, जांच के दौरान ठगी की रकम के लाभार्थी बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की गई। इसी दौरान रकम की मनीट्रेल पंजाब के फाजिल्का निवासी सुखवीर सिंह तक पहुंची। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से छह लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा हुए थे। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने पंजाब में दबिश देकर फाजिल्का क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के बैंक खाते की जांच में साइबर अपराध से जुड़ी छह अन्य शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। एसटीएफ अब इन शिकायतों और आरोपी के बैंक खाते में हुए लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने पहले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश का भरोसा दिलाया। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और ट्रेडिंग से जुड़े दावों के जरिये पीड़ित को रकम निवेश करने के लिए तैयार किया गया।

अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराने के बाद ठगी की गई। एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि निवेश के नाम पर आंधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों और ऑनलाइन ग्रूप से सावधान रहें। बैंक खाता ओटीपी, मोबाइल या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साडबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं

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