
चंपावत। पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-09) पर मरोड़ाखान और बापरू के समीप एक भीषण और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई है। यहाँ एक ऑल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। खाई में गिरते ही वाहन में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई, जिससे कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार दो लोगों की वाहन के भीतर ही जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार के खाई में लुढ़कते समय एक महिला और दो बच्चे छिटककर बाहर गिर गए, जिससे उनकी जान तो बच गई लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ऑल्टो कार में एक ही परिवार के लोग सवार थे। मरोड़ाखान और बापरू के मध्य तीखे मोड़ पर चालक अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे गहरी खाई की ओर रोल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और राहत टीम के अनुसार, गाड़ी जैसे ही खाई के पथरीले तल से टकराई, उसमें संभवतः शॉर्ट सर्किट और फ्यूल टैंक फटने के कारण भीषण आग लग गई। कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण अंदर फंसे दो यात्रियों को बाहर निकलने का अवसर ही नहीं मिल सका और वे वाहन के साथ ही जिंदा जल गए।
गनीमत रही कि कार के खाई में पलटने के शुरुआती झटकों के दौरान ही उसमें सवार एक महिला और दो बच्चे वाहन से छिटककर बाहर झाड़ियों में गिर गए, जिससे वे आग की चपेट में आने से बच गए।
हादसे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत जिला प्रशासन और पुलिस को विधिक सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस, एसडीआरएफ (एसडीआरएफ) और स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन चिकित्सा टीम एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंची।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच गहरी खाई में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। झाड़ियों से तीनों घायलों (महिला और दो बच्चों) को अत्यंत गंभीर अवस्था में बाहर निकाला गया। प्राथमिक विधिक और चिकित्सीय रिपोर्ट के अनुसार, तीनों घायलों के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। उन्हें तत्काल नजदीकी उपजिला चिकित्सालय भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी है।
घटनास्थल पर लगी आग इतनी विकराल थी कि ऑल्टो कार पूरी तरह लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुकी है। पुलिस प्रशासन मृतकों के विधिक पंचनामे और उनकी शिनाख्त के प्रयास में जुटा है। वाहन के नंबर और अन्य विधिक दस्तावेजों को खंगालकर परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने मामले की अग्रिम विधिक जांच शुरू कर दी है कि हादसा केवल तकनीकी विफलता के कारण हुआ या इसके पीछे तेज रफ्तार अथवा कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

