
देहरादून। साइबर ठगों ने सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 30 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी। रकम की जांच के नाम पर आरटीजीएस के माध्यम से रुपये एसबीआई के मदुरै स्थित बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद आरोपियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नाम से कथित फर्जी गिरफ्तारी वारंट भी भेज दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार, चार अक्तूबर को सेवानिवृत्त कर्मचारी के मोबाइल पर एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनके मोबाइल नंबर से अवैध विज्ञापन और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसके बाद संदीप राणा नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया और खुद को सीबीआई अधिकारी बताया।
आरोपी ने पीड़ित को बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मुंबई में सिम कार्ड खरीदने और बैंक खाता खोलने के लिए किया गया है। इस खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे अपराधों में होने का दावा करते हुए उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी गई। इससे पीड़ित घबरा गए।
आरोपियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को सरकारी गवाह बनने का विकल्प दिया और इसके लिए गोपनीय समझौता करने की बात कही। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से कथित सीबीआई निदेशक से उनकी बातचीत कराई गई। फिर राहुल नाम के व्यक्ति ने खुद को सीबीआई से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बैंक खातों में जमा रकम की जांच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की निगरानी में की जाएगी।
आरोपियों ने रकम की जांच के नाम पर उसे एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। साथ ही भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद एक-दो घंटे के भीतर रकम वापस कर दी जाएगी।
शिकायत के मुताबिक, धमकियों और गिरफ्तारी के डर से पीड़ित ने सात अक्तूबर को अपने बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 30 लाख रुपये एसबीआई के मदुरै स्थित खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद भी आरोपियों ने दूसरे खाते में बची राशि जमा कराने का दबाव बनाया।
नौ अक्तूबर को पीड़ित के मोबाइल पर ईडी के नाम से कथित फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजा गया। इसके बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र नबियाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।



