
ऊधमसिंह नगर। नानकमत्ता क्षेत्र के ग्राम सिद्धा नवदिया में आपसी रंजिश के चलते चचेरे भाइयों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। शनिवार देर रात हथियारों से लैस हमलावरों ने ताऊ के घर पर पत्थरबाजी और हवाई फायरिंग की। इसी दौरान बाइक से घर लौट रहे 35 वर्षीय सतनाम सिंह को घेरकर सीने में गोली मार दी गई। आरोप है कि भागते समय हमलावरों ने सतनाम के पैरों पर कार भी चढ़ा दी। गंभीर रूप से घायल सतनाम को परिजन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पुलिस ने दंपती समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपी फरार हैं।
घटना शनिवार देर रात ग्राम सिद्धा नवदिया में नहर किनारे हुई। बताया गया कि कार और बाइक से पहुंचे हथियारबंद हमलावरों ने सतनाम के ताऊ के घर के बाहर गालीगलौज करते हुए पत्थरबाजी और हवाई फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग से घर की बालकनी में लगा शीशा भी चटक गया। गोलियों की आवाज सुनकर खेत में काम कर रहा सतनाम सिंह अपने छोटे भाई कुलदीप सिंह के साथ बाइक से घर लौट रहा था।
घर से करीब 50 फीट पहले ही हमलावरों ने दोनों भाइयों को घेर लिया। इसी दौरान कुलदीप सिंह उर्फ बंटी ने कथित तौर पर सतनाम के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही सतनाम सड़क पर गिर पड़ा, जबकि उसका छोटा भाई कुलदीप किसी तरह भागकर बच निकला। शोर सुनकर परिजनों और ग्रामीणों को मौके पर आता देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। आरोप है कि भागते समय उन्होंने सतनाम के पैरों पर भी कार चढ़ा दी।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दी। घायल सतनाम को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानकमत्ता ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे उप जिला चिकित्सालय सितारगंज रेफर किया गया। इसके बाद परिजन उसे रुद्रपुर जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूचना मिलने पर एसपी क्राइम प्रमोद कुमार और सीओ खटीमा नीरज सेमवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सतनाम की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। पिता चरन सिंह, भाई सोनू सिंह और कुलदीप सिंह, पत्नी परमजीत कौर तथा बेटे प्रिंस और जसवीर का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के बड़े भाई सोनू सिंह ने प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट को दी तहरीर में बताया कि 13 अक्तूबर को नानकमत्ता में रामलीला के दौरान उनके चचेरे भाई कुलदीप सिंह उर्फ बंटी का दो युवकों से विवाद हो गया था। उस समय छोटा भाई कुलदीप सिंह भी मौके पर मौजूद था। उसने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया और दोनों पक्षों को घर भेज दिया था।
तहरीर के अनुसार, कुलदीप उर्फ बंटी को शक था कि उसके साथ हुए विवाद के पीछे कुलदीप सिंह की भूमिका थी। इसी बात को लेकर वह उनके परिवार से रंजिश रखने लगा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते उसने अपने भाई लखविंदर सिंह उर्फ लक्की, पत्नी रमनदीप कौर और तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर हमला किया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर कुलदीप सिंह उर्फ बंटी, लखविंदर सिंह उर्फ लक्की, रमनदीप कौर, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी नागरा, कमल सिंह और कोमल सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
हत्या के बाद गांव में तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मृतक के परिजनों की ओर से धरना-प्रदर्शन किए जाने की आशंका के मद्देनजर पीएसी के साथ खटीमा, सितारगंज और किच्छा से भी पुलिस बल बुलाया गया। एहतियातन महिला और पुरुष पीएसी की एक-एक कंपनी के साथ फायर ब्रिगेड को भी तैनात किया गया।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ बंटी के खिलाफ पहले भी नानकमत्ता कोतवाली में एक युवती को भगाने का मामला दर्ज रहा है। अप्रैल 2026 में पुलिस टीम उसे पकड़ने घर पहुंची थी। उस दौरान उसकी दादी सुखदेव कौर बेहोश हो गई थीं और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। परिजनों ने उस समय पुलिस पर मारपीट और धक्का देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। इसी पुराने घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस इस बार पहले से सतर्क रही।
फिलहाल पुलिस हत्या के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



