
गोपेश्वर। चमोली की विशेष सत्र अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में दोषी जयगणेश को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। धमकी देने के अपराध में एक वर्ष का कारावास और 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विशेष सत्र न्यायाधीश विद्यांचल सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया। मामला ज्योतिर्मठ थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित था। अभियोजन के अनुसार, मई 2024 में आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले में 25 फरवरी 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने जुर्माने में से 20 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए हैं। पॉक्सो नियमों और उत्तराखंड पीड़ित सहायता योजना के तहत राज्य सरकार को पीड़िता को तीन लाख रुपये प्रतिकर 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

