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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के धारचूला स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शाखा में करीब तीन साल पहले हुई सनसनीखेज घटना में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शाखा प्रबंधक मोहम्मद ओवेश की हत्या के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने सुरक्षा गार्ड दीपक क्षेत्री को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

मामला 6 मई 2023 का है। धारचूला स्थित एसबीआई शाखा में शाखा प्रबंधक मोहम्मद ओवेश और सुरक्षा गार्ड दीपक क्षेत्री के बीच ड्यूटी को लेकर कहासुनी हुई थी। बताया गया कि विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर शाखा प्रबंधक के कक्ष में पहुंचकर उन पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी।

अचानक हुई इस घटना से बैंक परिसर में हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आने से मोहम्मद ओवेश गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल रेफर किया गया।

दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चिकित्सकों ने शाखा प्रबंधक को बचाने के लिए उपचार किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। आखिरकार उपचार के दौरान मोहम्मद ओवेश की मौत हो गई। घटना के बाद बैंक कर्मचारियों और क्षेत्र में भी शोक का माहौल बन गया था।

घटना के बाद बैंक कर्मचारी सुरेंद्र सिंह नबियाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी दीपक क्षेत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

 

इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और घटना से संबंधित साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों का परिशीलन किया। अदालत ने दीपक क्षेत्री को शाखा प्रबंधक मोहम्मद ओवेश की हत्या का दोषी पाया।

 

अदालत ने दोष सिद्ध होने के बाद आरोपी सुरक्षा गार्ड को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

6 मई 2023 को हुई इस वारदात के करीब तीन साल बाद अदालत का फैसला आया है। एसबीआई शाखा के भीतर ड्यूटी को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना गंभीर हो गया था कि शाखा प्रबंधक को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब अदालत के फैसले के बाद मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिली है।

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