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देहरादून। आईएसबीटी में बस के भीतर किशोरी से गैंगरेप में मामले पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पांच आरोपियों के खिलाफ 19 दिन की जांच में 250 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। चार्जशीट में साक्ष्य छिपाने की धारा जोड़ी गई है।

एसएसपी अजय सिंह ने चार्जशीट दाखिल किए जाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते 12 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की अनुबंधित बस का एक ड्राइवर किशोरी को दिल्ली आईएसबीटी से देहरादून लाया था। यहां किशोरी के साथ बस के ड्राइवर-कंडक्टर समेत पांच लोगों ने गैंगरेप किया। किशोरी इसके बाद आईएसबीटी में एक दुकान बैठी मिली थी। वहां से बाल कल्याण समिति अपने संरक्षण में ले गई थी। वहां उसकी काउंसलिंग हुई तो गैंगरेप का पता लगा। पुलिस ने बाल कल्याण समिति की ओर से 17 अगस्त को केस दर्ज कर जांच शुरू की।

अगले दिन रोडवेज की अनुबंधित बस के ड्राइवर धर्मेंद्र कुमार, रवि कुमार, रोडवेज के ड्राइवर राजपाल, कंडक्टर देवेंद्र और कैशियर का काम कर रहे कंडक्टर राजेश कुमार सोनकर को गिरफ्तार किया। एसआईटी गठित कर जांच शुरू की गई। एसआईटी ने मुकदमे में साक्ष्य जुटाए। उनकी निशानदेही पर कंबल व अन्य कपड़े भी बरामद कर लिए गए। इसके बाद चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में कुल 35 गवाह बनाए गए हैं। इनमें दो गवाहों, पीड़िता और एक चश्मदीद गवाह के मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए जा चुके हैं। आरोपी कंडक्टर दिल्ली कश्मीर गेट बस अड्डे से मुरादाबाद जिले की पीड़िता को अपने साथ देहरादून लाया था। इसलिए केस में दिल्ली कश्मीरी गेट बस अड्डे भी पीड़िता को बस में बैठाए जाने के साक्ष्य जुटा गए। पांचों आरोपियों की कोर्ट में भी शिनाख्त परेड कराई जा चुकी है। कई साक्ष्य जांच के फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।

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