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किच्छा । ऊधमसिंहनगर के थाना पुलभट्टा अंतर्गत ग्राम सुतईया में चोरी किए गए चावल के कट्टे के विवाद में तीन आरोपियों ने अपने दोस्त की धारदार हथियार और पाटल से वार कर निर्मम हत्या कर दी। युवक नौ फरवरी से लापता था। पुलिस ने बुधवार को युवक का शव गांव के बाहर खंडहर से बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय बंटी गोस्वामी पुत्र सुरेश नाथ गोस्वामी निवासी ग्राम सुतईया नौ फरवरी की रात आठ बजे से अपने घर से लापता था। दो दिन घर वापस नहीं आने पर उसकी पत्नी गुड्डी ने 11 फरवरी को पुलभट्टा पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका पति बंटी सामान लेने पास की दुकान पर गया था। काफी देर तक वापस नहीं आने पर जब वह उसे तलाशने गई तो बंटी गांव के ही विशाल उर्फ वियेश पुत्र शिव दयाल से बात कर रहा था। रात दस बजे के बाद से बंटी का मोबाइल बंद आने लगा। तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस को जानकारी मिली कि बंटी के साथ अंतिम समय में विशाल, विपिन और सूरज थे। पुलिस ने विशाल उर्फ वियेश पुत्र शिव दयाल को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बंटी की हत्या का राज उगल दिया। उसने बताया कि चोरी के चावल के कट्टे के 2500 रुपयों का बंटवारा नहीं करने पर उसने व उसके साथी विपिन पुत्र रामबाबू, सूरज पुत्र शंकर लाल निवासी ग्राम सुतईया ने मिलकर बंटी की धारदार हथियार और पाटल वार कर से हत्या कर दी है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बंटी का शव गांव के बाहर खंडहर से बरामद कर लिया। साथ ही वहां से हत्या में प्रयुक्त पाटल और बंटी का मोबाइल भी बरामद किया।
ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने बताया कि 11 फरवरी को पुलभट्टा थाने में ग्राम सुतईया की गुड्डी ने अपने पति बंटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि बंटी के साथ अंतिम समय में विशाल, विपिन और सूरज थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के माल के बंटवारे को लेकर उन्होंने बंटी की हत्या कर दी है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है।
अंत में अपने साथियों के हाथों ही मारा गया। बंटी का सुतईया गांव में संपन्न परिवार से माना जाता है। उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। घर पर उसकी मां, पत्नी व दो बच्चे हैं। बंटी नशे का आदी हो गया था। इससे उसकी दोस्ती भी नशेड़ी युवकों के साथ हो गई। नशा पूरा करने वह चोरी और झपटमारी जैसे अपराधों को अंजाम देने लगे। बंटी अपने साथियों के साथ भी दंबगई से पेश आता था। इस कारण उसका अपने साथियों से अक्सर विवाद हो जाता था। इस कारण वह मन ही मन बंटी से खुन्नस रखने लगे थे। चोरी के चावल के कट्टे से मिले 2500 रुपये का बंटवारा नहीं होना नशेड़ी दोस्तों को बेहद खल गया। दोस्तों ने बंटी को ठिकाने लगाने की योजना बना डाली।
आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में में पुलभट्टा थाना इंचार्ज प्रदीप मिश्रा, उप निरीक्षक पंकज कुमार, धीरज वर्मा, अपर उपनिरीक्षक. प्रकाश चन्द, हेड कांस्टेबल. फिरोज खान, धरमवीर सिह, कांस्टेबल चारू पंत रहे।

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