
अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक की शाखा में नियम ताक पर रखकर कैश क्रेडिट लिमिट बदलने का घपला सामने आया है। शाखा प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने बैंक के चार तत्कालीन उच्च अधिकारियों और ऋण लेने वाली फर्म के निदेशक और उसकी पत्नी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक समीर भटनागर ने तहरीर में बताया कि बैंक की प्रबंध समिति ने तीन मई 2017 की बैठक में मैसर्स मां नंदा बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड, अल्मोड़ा के निदेशक आनंद सिंह चौहान, उनकी पत्नी सुनीता चौहान के पक्ष में दो करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट के नवीनीकरण को मंजूरी दी थी। 25 मई को इस लिमिट को दो से सात करोड़ रुपये कर फर्जी तौर पर ऋण स्वीकृति पत्र जारी कर दिया। मामले में एमडी दीपक कुमार, जीएम धर्मवीर सिंह, एजीएम करन सिंह बिष्ट और शाखा प्रबंधक मनोज राणा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

