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देहरादून। इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने हाईटेक रणनीति तैयार की है। शिवभक्तों की भारी भीड़ की आड़ में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में रहने वाले असामाजिक तत्वों की अब खैर नहीं है। पुलिस ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित फेस रिकग्निशन (चेहरे पहचानने वाले) कैमरों का जाल बिछाया है। दूसरे राज्यों के करीब 35 हजार अपराधी अब उत्तराखंड पुलिस के रडार पर हैं।

 

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पड़ोसी राज्यों के साथ इंटर-स्टेट कोआर्डिनेशन बैठक की गई थी। इस बैठक के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश समेत सात राज्यों की पुलिस ने अपने-अपने राज्यों के हिस्ट्रीशीटर, इनामी बदमाश और सक्रिय अपराधियों का डेटा साझा किया है। इन राज्यों के करीब 35 हजार अपराधियों की फोटो सहित पूरी जानकारी उत्तराखंड पुलिस को मिल चुकी है। इनमें करीब आठ हजार इनामी शामिल हैं। अब पुलिस के फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड किया गया है। हरिद्वार बॉर्डर से लेकर देहरादून और कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर विशेष हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे डेटाबेस से लगातार चेहरों का मिलान करेंगे। एसएसपी एसटीएफ के मुताबिक यह फेस रिकग्निशन सिस्टम करीब 80 % तक चेहरे की सटीक पहचान करने में सक्षम है।

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