ख़बर शेयर करें -

देहरादून। सोफा बनाने वाली कंपनी का वित्तीय सलाहकार व विश्लेषक बनकर साइबर ठगों ने मसूरी के गारमेंट कारोबारी से 1.17 करोड़ रुपये ठग लिए। साइबर ठगों ने कारोबारी को कंपनी में निवेश का झांसा देकर 24 से 48 घंटे में रकम दोगुनी करने और खाते में रिटर्न करने का झांसा दिया था।

जब रकम वापस नहीं आई और ठगों से संपर्क नहीं हुआ तो कारोबारी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

देहरादून के जाखन निवासी मनोज कुमार अग्रवाल का मसूरी में गारमेंट का कारोबार है। अग्रवाल ने साइबर थाने में दी शिकायत में बताया कि गत 15 मार्च को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और खुद को सोफा बनाने वाली एक प्रतिष्ठित कंपनी एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड का वित्तीय सलाहकार व विश्लेषक बताया।
वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आरोपित व उसके साथियों ने बताया कि उन्हें शेयर बाजार और उच्च रिटर्न निवेश रणनीतियों की काफी जानकारी है। वाट्सएप ग्रुप पर कुछ लोगों ने बड़े मुनाफे के स्क्रीनशाट भी साझा किए, जिससे अग्रवाल को उन पर विश्वास हो गया।

फिर 17 मार्च को अग्रवाल को दो अन्य वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिनमें 108 सदस्य थे। इन ग्रुप पर सदस्य निवेश रणनीति व वित्तीय विकास पर चर्चा करते थे। अग्रवाल ने बताया कि ग्रुप में प्रिया शर्मा, भरत शाह, मुकेश, लता, प्रिया शर्मा और कुछ अन्य लोग नियमित रूप से निवेश अपडेट साझा करते थे और सवालों के जवाब भी देते थे।
ग्रुप के सदस्यों ने आश्वस्त किया कि निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है, जिससे काफी मुनाफा हो रहा है। यह दावा किया कि निवेश करने के 24 से 48 घंटें के भीतर रिटर्न निवेशक के खाते में आ जाएगा। ऐसे में अग्रवाल ने 17 मार्च से चार अप्रैल के बीच विभिन्न तारीखों में 1.17 करोड़ रुपये निवेश कर दिए।

डैशबोर्ड पर उन्हें मुनाफा तो दिखा, लेकिन वह धनराशि निकाल नहीं पाए। धनराशि निकालने के लिए उन्हें 72 लाख रुपये जमा करने को कहा गया। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और साइबर थाने में शिकायत दी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

You cannot copy content of this page