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देहरादून– उत्तराखंड में नायब तहसीलदार के 62 पद खाली हैं। ये पद पदोन्नति कोटे के हैं। इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने का सीधा असर काम पर पड़ रहा है। इससे आपदा राहत समेत राजस्व से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।

राज्य में नायब तहसीलदार, सहायक भूलेख अधिकारी के 62 पद खाली हैं। 55 पद नायब तहसीलदार के और सात पद सहायक भूलेख अधिकारी के नहीं हो पा रही है। राजस्व परिषद में हैं। 2021-22 से इन पदों पर डीपीसी लंबे समय से डीपीसी लटकी हुई है। किया जा रहा है।

इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने का सीधा असर राजस्व के कार्यों पर पड़ रहा है। खासतौर पर आपदा के दौरान धरातल पर हालात संभालने के लिए नायब तहसीलदारों की कमी महसूस की जा रही है। आपदा राहत, राजस्व वादों के निस्तारण समेत अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं। लेखपाल संघ ने भी इस पर गहरी नाराजगी जताई है। दूसरी ओर सचिव राजस्व परिषद चंद्रेश यादव के अनुसार पदोन्नति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

“” लंबे समय से प्रमोशन की प्रक्रिया रुकी हुई है। शासन, राजस्व परिषद स्तर से कई बार आश्वासन मिल चुके हैं। इसके बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही है। कई कानून गो, राजस्व निरीक्षक बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो रहे हैं। सरकारी कामकाज अलग बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। समय पर प्रमोशन होने से नीचे के पदों पर भर्ती भी हो सकेगी।””

  • हुकुम चंद, अध्यक्ष लेखपाल संघ
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