
शामली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के मानसून की पहली बारिश में ही धंसने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त कदम उठाया है। प्राधिकरण ने अपने साइट इंजीनियर आलोक कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए उन्हें डिबार कर दिया है। साथ ही एनएचएआई के परियोजना निदेशक, निर्माण कार्य की निगरानी करने वाली कंसल्टेंसी एजेंसी अथॉरिटी इंजीनियर और ठेकेदार कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मंगलवार में हुई मानसून की पहली बारिश के बाद करीब 12 हजार करोड़ की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सड़क मुजफ्फरनगर के खेड़ा मस्तान और डूंगर के बीच धंस गई थी। इसके साथ ही कई स्थानों पर दरारें भी आ गई थीं। सड़क धंसने से कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त होने की बात कही जा रही है। वीडियो वायरल होने पर एनएचएआई ने विशेषज्ञों से जांच कराते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की।
एनएचएआई ने अधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया कि परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह, निर्माण कार्य की निगरानी कर रही कंसल्टेंसी एजेंसी अथॉरिटी इंजीनियर और एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर का काम देख रहे कुलदीप राजदान और ठेकेदार कंपनी के परियोजना प्रबंधक नागेंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एनएचएआई के साइट इंजीनियर आलोक कुमार को डिबार किया गया है।

