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पौड़ी। गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज के ढांढरी गांव में वन विभाग की टीम ने एक गुलदार को मार गिराया है। करीब डेढ़ महीने बाद वन विभाग की टीम को यह सफलता मिल सकी। गुलदार के ढेर होने के बाद ढांढरी और आसपास के गांवों के लोगों ने भी राहत सांस ली है।

ढांढरी में बीती 21 नवंबर की शाम को गुलदार ने एक महिला को घायल कर दिया था। महिला को घायल करने के बाद यहां स्थानीय ग्रामीणों ने भी आक्रोश जताया था और वन विभाग को गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे पकड़ने या मारने के आदेश देने की मांग की थी। इस बीच मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने ढांढरी में सक्रिय गुलदार को पकड़ने और मारने के आदेश भी दो बार जारी किए।

ढांढरी गांव में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के लिए गढ़वाल वन प्रभाग के साथ ही राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम के साथ रुद्रप्रयाग वन विभाग की टीम भी तैनात की गई थी। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव ने बताया है कि ढांढरी गांव में सक्रिय गुलदार पर नजर रखने के लिए 15 ट्रैपिंग कैमरे लगाने के साथ ही यहां 5 पिंजरे भी लगाए गए थे। 11 सदस्यीय टीम लगातार यहां गश्त कर रही थी। लगतार क्षेत्र में गुलदार सक्रिय था। डीएफओ के मुताबिक मारा गए नर गुलदार की उम्र करीब 10 साल है और उसका एक दांत भी टूटा हुआ है। इससे प्रथमदृष्टा यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह गुलदार अपना प्राकृतिक शिकार करने में सक्षम नहीं था। गुलदार के शव को कब्जे में लेकर पीएम करवाया। पीएम रिपोर्ट के बाद ही विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।
गुलदार प्रभावित गांव ढांढरी में एसडीओ फॉरेस्ट आयशा बिष्ट की अगुवाई में ढांढरी में तैनात टीम में राजाजी टाइगर रिजर्व से वन दरोगा आशीष कुमार, वन आरक्षी सुभाष चंद्र, शराफत अली, रुद्रप्रयाग डिवीजन से अरविन्द कुमार के साथ ही पौड़ी से वन दरोगा राकेश रावत, अनिल नेगी, सुखदेव नेगी, रविन्द्र कुमार, नवीन सिंह, तेजपाल सिंह आदि शामिल रहे।

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