
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी के पूर्व थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान को कैफे संचालक से मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। विशेष सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने उनको दो साल की सजा सुनाई है साथ ही 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।
जानकारी के मुताबिक मामला 14 अक्तूबर 2019 का है। कैफे संचालक विक्रम सिंह जंगपांगी के मुताबिक पंचायत चुनाव के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, निवासी उत्तरकाशी नगालगांव हाल निवासी रामपुर देहरादून कैफे में आए। उन्होंने कुर्सी की मांग की। भीड अधिक होने के कारण जब पीड़ित ने गद्दी वाली कुर्सी देने में असमर्थता जताई तो थानाध्यक्ष नाराज हो गए और देख लेने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप था कि उसी रात 10 बजे अभियुक्त ने कैफे के बाहर उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। जब वह शिकायत करने मुनस्यारी थाने पहुंचा, तो वहां उसके साथ मारपीट की गई। आंख-नाक पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। जबरन 250 रुपए का चालान काटकर सादे कागजों पर दस्तखत कराए। अदालत ने उनको धारा 323 आईपीसी, धारा 504 आईपीसी और धारा 3(2) में एक एक साल के कठोर कारावास की सना सुनाई। एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1) में दो साल की सजा और 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया।

