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देहरादून। आईएसबीटी परिसर में 16 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सोमवार को पीड़िता के पिता अपनी पुत्री को घर वापस ले जाने के लिए देहरादून पहुंचे। पीड़िता ने पहले तो पिता से मिलने से ही इन्कार कर दिया। सीडब्ल्यूसी टीम के कहने पर वह तैयार हुई, लेकिन वापस घर जाने से उसने साफ मना कर दिया। पीड़िता का बालिका निकेतन में मनोचिकित्सक से उपचार कराया जाएगा।
गौरतलब है कि 12 अगस्त की देर रात किशोरी को अकेला पाकर बस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। उधर पीड़िता के पिता व उसके गांव के प्रधान सोमवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पहुंचे।
उन्होंने अपनी बेटी को घर ले जाने की मांग की। सीडब्ल्यूसी की सदस्य प्रीति थपलियाल ने बताया कि पहले ताे पीड़िता ने अपने पिता से मिलने से ही मना कर दिया, बाद में उसने मुलाकात की तो घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई। पिता से बातचीत में सीडब्ल्यूसी ने किशोरी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। पिता ने बताया कि पीड़िता चार-पांच भाई बहन हैं। इसमें पीड़िता दूसरे नंबर पर है।
किशोरी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। वहीं उसके माता पिता की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। सीडब्ल्यूसी से बातचीत में पिता सवालों का ठीक जवाब नहीं दे सके। यह भी बताया गया कि पीड़िता की मां भी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं।

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