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नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भावनी सिंह की 27.5 नाली (0.555 हेक्टेयर) कृषि भूमि को राज्य सरकार के खाते में निहित कर लिया है। यह भूमि नैनीताल के सिल्टोना गांव में वर्ष 2007 में खेती के उद्देश्य से खरीदी गई थी।
कानूनन खरीदी गई कृषि भूमि पर निर्धारित समयावधि में खेती का कार्य न करने पर राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने इस पर कार्रवाई की। जांच में यह पुष्टि हुई कि भूमि पर कोई भी कृषि कार्य नहीं किया गया है। इसके बाद नियमानुसार भूमि को राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया।

भावनी सिंह ने राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को कमिश्नर कोर्ट और फिर राजस्व बोर्ड में चुनौती दी थी, लेकिन दोनों जगहों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मामले के निर्णय के बाद प्रशासन ने उक्त भूमि पर सरकार का कब्जा सुनिश्चित कर दिया है।
उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून को लागू करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में कई कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में राज्य सरकार का यह बड़ा निर्णय दर्शाता है कि जो लोग जमीन का प्रयोजन बदलकर इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने हाल ही में हल्द्वानी और बेतालघाट में आयोजित सभाओं में भी इस बात को स्पष्ट किया था।
प्रदेश में भू-कानून के संबंध में चल रही जांचों के बीच, नैनीताल जिले में बड़े पैमाने पर खरीदी गई जमीनें भी प्रशासन की जांच के दायरे में हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जो लोग जमीन खरीदकर उसका सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विपिन चंद पंत, एसडीएम, श्री कैंची धाम तहसील ने कहा, “नियमानुसार भूमि सरकार के खाते में निहित कर दी गई है, और जल्द ही जमीन की तारबाड़ भी हटा ली जाएगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

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