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हल्द्वानी। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्प नैनीताल ,बाल कल्याण समिति नैनीताल ,विधिक सेवा प्राधिकरण ,एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल से रेणु अधिकारी,गोविंद, बनभुलपुरा थाने से एसआई ज्योति कोरंगा तथा व्हिलकिश तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नैनीताल से जिला समन्वयक किरन पंत , विधिक से उमा भंडारी, बाल कल्याण से गणेश बिष्ट,केस वर्कर ललित , सरिता , बीना , सूरज द्वारा संयुक्त रूप से नैनीताल जिले के विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल संस्थाओं में व्यवस्थाओं और बच्चों की सुरक्षा का जायजा लेना था।

 

निरीक्षण के दौरान गफ़ूर बस्ती रेलवे स्टेशन हल्द्वानी के पास सुचेतना द्वारा ग़ैर सरकारी संस्थान का अवैध संचालन किया जा रहा था संस्था में उपस्थित कार्मिक श्रीमती मीना सिंह द्वारा बताया गया कि उक्त संस्था फादर पाईस द्वारा संचालित किया जा रहा है। संस्था को संचालित करने हेतु मिशनरि द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मौके पर 5 बालिकाएँ और 6 बालक उपस्थित मिले। दस्तावेजों का अभाव: संस्था में उपस्थित कार्मिकों द्वारा संस्थान से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या मानक प्रस्तुत नहीं किया गया।

पंजीकरण की कमी: यह संस्थान ‘किशोर न्याय अधिनियम’ (Juvenile Justice Act) के तहत भी पंजीकृत नहीं पाया गया। असुरक्षित वातावरण: बच्चों के बैठने का स्थान पूरी तरह से असुरक्षित पाया गया, जो बाल सुरक्षा के मानकों के विरुद्ध है।

शिक्षा से खिलवाड़: जाँच में यह भी सामने आया कि उक्त स्थान पर आने वाले बच्चे पूर्व में विद्यालयों में पंजीकृत थे।

 

सदस्य योगेश रजवार द्वारा तत्काल बाल कल्याण समिति एव चाइल्ड हेल्प लाइन को जाँच कर दो दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं

तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को उक्त संस्था तथा संस्था प्रभारी की जाँच कर क़ानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं

माननीय सदस्य योगेश रजवार जी ने कड़े शब्दों में कहा कि बिना पंजीकरण के इस प्रकार की संस्थाओं का संचालन किया जाना एक बेहद गंभीर विषय है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने कहा मिशनरी द्वारा फंड दिया जाना ऐसे बच्चो गुप चुप तरीके से शिक्षा दिया जाना अन्यों पहलो पर भी ध्यान आकर्षित करता हे कोई बड़ा षडयंत्र प्रतीत होता हे इसलिए

उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल सुरक्षा को ताक पर रखने वाले ऐसे गैर-कानूनी संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी बच्चों से संबंधित ऐसी गैर-सरकारी संस्थाओं का औचक निरीक्षण लगातार नैनीताल जिले में जारी रहेगा

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