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हरिद्वार। हरिद्वार के खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन प्रकरण में पुलिस ने सुबूत जुटाना शुरू कर दिया हैं। कांवड़ पटरी स्थित दोनों सरकारी कैंप कार्यालयों के सीसीटीवी वीडियो को पुलिस ने कब्जे में लिया है। जबकि सोशल मीडिया पर वायरल प्रकरण से जुड़ी वीडियो और फोटो भी पुलिस ने देखनी शुरू कर दी है। वायरल फोटो और वीडियो की अपलोड की सटीक लोकेशन और टाइमिंग को नोट किया जा रहा है।

खानपुर विधानसभा पर तत्कालीन विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का बीस साल से कब्जा रहा था। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में उमेश कुमार ने कदम रखा और भारी मतों से जीत हासिल कर चैंपियन को हरा दिया था। इस विधानसभा चुनाव की रंजिश से मौजूदा विधायक उमेश और पूर्व विधायक चैंपियन के बीच जुबानी जंग छिड़नी शुरू हो गई थी। एक दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर जमकर भड़ास निकाली जाती रही। लेकिन यह चुनावी रंजिश सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित रही।

तीन दिन पूर्व दोबारा खानपुर विधायक उमेश और पूर्व विधायक चैंपियन में सोशल मीडिया की जुबानी जंग के बाद बवाल खड़ा हो गया। आरोप है कि चैंपियन अपने समर्थकों के साथ हथियारों से लैस होकर विधायक उमेश के कांवड़ पटरी स्थित कैंप कार्यालय पर पहुंचे और दिनदहाड़े फायरिंग कर दी थी। खानपुर विधायक उमेश के समर्थकों को भी पीटा गया था। बवाल के बाद दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व विधायक चैंपियन को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया जबकि खानपुर विधायक उमेश को जमानत मिल गई।

इस पूरे प्रकरण की वीडियो और फोटो को पुलिस ने सुबूत के तौर पर अब इकठ्ठा करना शुरु कर दिया है। कांवड़ पटरी स्थित कैंप कार्यालयों के सीसीटीवी वीडियो को पुलिस ने कब्जे में लिया है। जबकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रकरण से जुड़ी वीडियो और फोटो भी पुलिस धीरे-धीरे अपने पास सुबूत के तौर पर सुरक्षित रख रही है। सीओ (रुड़की) नरेंद्र पंत ने बताया कि जांच अधिकारी प्रकरण से जुड़े सुबूत एकत्र कर रहे है।

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