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गोपेश्वर। चमोली जिले के गोपेश्वर के वैतरणी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में करंट से भालू व शावक की मौत के मामले में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता (ईई), सहायक अभियंता व अवर अभियंता के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया। केदारनाथ वन प्रभाग ने वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत केस कराया है।

वैतरणी में मंगलवार रात भालू और शावक की मौत होने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने उप प्रभागीय वन अधिकारी जुगल किशोर चौहान के नेतृत्व में मौका मुआयना किया था। इस संबंध में टीम द्वारा उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में बताया गया कि एसटीपी के ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। ऐसे में भालुओं करंट की चपेट में आ गए। इस पर वन अधिकारियों ने मामले में जल संस्थान के अफसरों की लापरवाही मानते हुए गुरुवार को केस दर्ज करा दिया।

इस संबंध में प्रभागीय वन अधिकारी केदारनाथ तरुण एस. ने बताया कि मौके पर ट्रांसफार्मर जमीन पर रखा है। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी नहीं हैं। इससे लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। जांच में एसटीपी प्लांट संचालित कर रहे जल संस्थान कार्मिकों की घोर लापरवाही सामने आई। ऐसे में एसटीपी संचालन कर रहे जल संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत केस दर्ज किया है। डीएफओ ने बताया कि मामले में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव, सहायक अभियंता अरुण गुप्ता व अवर अभियंता राहुल नेगी को आरोपी बनाया है।

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