ख़बर शेयर करें -

ऋषिकेश। ऋषिकेश के खदरी खड़कमाफ ग्रामसभा में रविवार देर शाम बारिश के दौरान सड़क पर टूटकर गिरी एलटी लाइन ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। सड़क पर जलजमाव के बीच दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय महिला और उसकी तीन साल की मासूम बेटी की मौत हो गई।

 

हादसे के दौरान महिला ने अपने 12 वर्षीय बेटे को दूर रहने का इशारा कर उसकी जान बचा ली। मां और बहन को करंट की चपेट में तड़पता देख बेटा घबरा गया और शोर मचाने लगा। आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसा रविवार शाम करीब सात बजे मोटा प्लाट क्षेत्र में हुआ। यहां किराये के मकान में रहने वाली सुमन जेठूड़ी अपनी तीन वर्षीय बेटी सृष्टि और 12 वर्षीय बेटे सार्थक के साथ शिव मंदिर के पास जा रही थीं। बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा हुआ था। इसी दौरान एलटी लाइन टूटकर सड़क पर गिरे होने के कारण पानी में करंट फैल गया। सुमन और सृष्टि जैसे ही पानी के बीच पहुंचीं, दोनों करंट की चपेट में आ गईं। मां और बहन को छटपटाता देखकर सार्थक घबरा गया। सुमन ने उसे दूर रहने का इशारा किया, जिसके बाद वह पीछे हट गया और शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को घटना की सूचना दी।

 

इसके बाद विद्युत आपूर्ति बंद की गई, लेकिन तब तक मां-बेटी की जान जा चुकी थी। श्यामपुर चौकी प्रभारी सुमित चौधरी ने बताया कि पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुमन मूलरूप से नरेंद्रनगर ब्लॉक के ग्राम सौढ़ की रहने वाली थीं।

खदरी खड़कमाफ में रविवार शाम हुए हादसे ने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर लाइन टूटी, उसके पास ही एक निजी स्कूल भी है। लोगों का कहना है कि आबादी के बीच गुजरने वाली एलटी लाइनों की नियमित निगरानी और मरम्मत की व्यवस्था होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बिजली लाइन की समय रहते जांच और मरम्मत की गई होती तो शायद हादसा टाला जा सकता था।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page