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देहरादून। शासन को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए संचालित केंद्र पोषित छात्रवृत्ति में अनियमितताओं के संबंध जांच रिपोर्ट मिल गई है। जिला प्रशासन ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी है, इसमें प्रथम दृष्टया 92 संस्थानों में से 17 संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति में घोटाला मिला है, अब मामले में एफआईआर कराने की तैयारी है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के विश्लेषण में कतिपय संस्थान और स्कूल संदिग्ध पाए गए थे। इसके बाद शासन ने राज्य में 92 संस्थानों और स्कूलों में जांच के आदेश दिए थे। जिलाधिकारियों को एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच करने का निर्देश दिया था। हाल में शासन ने जिलाधिकारियों को स्मरण पत्र भेजकर मामले में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।

जांच रिपोर्ट आई है, उसमें प्रथमदृष्टया 92 संस्थानों में से 17 संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति में गड़बड़ी सामने आई है। इन 17 संस्थानों में 1058 छात्रों ने अनुचित तरीके से छात्रवृत्ति प्राप्त की है। एक अनुमान से लगभग 91 लाख रुपये की छात्रवृत्ति का घोटला हुआ है।
जिन 17 संस्थानों में गड़बड़ी होने का पता चलता है, उनमें सबसे अधिक सात संस्थान हरिद्वार में हैं। ऊधमसिंह नगर के छह, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के दो-दो संस्थान हैं। जांच में पता चला है कि कुछ संस्थान ऐसे भी थे, जहां पर छात्र ही नहीं थे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव धीराज गर्ब्याल का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिल गई है, जिसे मंत्रालय भेजा जा रहा है। प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने समेत अन्य कदम उठाए जाएंगे।

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