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हरिद्वार। रुड़की के गंगनहर कोतवाली पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तीनों मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। इनमें दो सगे भाई हैं, जो वर्तमान में रुड़की के कलियर में किराये पर रहते हैं और तीसरा आरोपित उनका मामा है।

आरोपितों के पास से चोरी की गई दो बोलेरो पिकअप और एक अशोका लीलैंड वाहन बरामद हुआ है। इन वाहनों को पंजाब ले जाकर रंग और नंबर प्लेट बदल दी गई थी। दो आरोपित पूर्व में भी चोरी और गोकशी के मामले में जेल जा चुके हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पिछले 16 दिन में रुड़की देहात क्षेत्र से तीन बड़े वाहन चोरी हुए। दो मामलों में गंगनहर कोतवाली और एक में कलियर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। रुड़की के एसपी देहात एसके सिंह, सीओ नरेंद्र पंत और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार को वाहन चोर गिरोह की धरपकड़ के लिए लगाया गया था।

आरोपितों की तलाश के क्रम में पुलिस की एक टीम नागल कलियर गांव से रामपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर पुल के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक बोलेरो पिकअप को रोका गया। जांच में पता चला कि उक्त वाहन चोरी का है। इस पर वाहन में सवार इरशाद व शहजाद निवासी निहाल सिंह रोड, थाना निहाल सिंह, जिला मोगा और फरियाद निवासी ग्राम खंखा थाना टांडा जिला होशियारपुर (पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी ने बताया कि इरशाद व शहजाद सगे भाई हैं और फरियाद उनका मामा। इरशाद व शहजाद कलियर में चार मीनार मस्जिद के पास किराये पर रहते हैं। फरियाद अक्सर कलियर में अपने भांजों के पास आता-जाता था। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर चोरी के दो अन्य वाहन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों का इरादा सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि इलाकों से मवेशी चोरी कर उन्हें उत्तराखंड में बेचना था। साथ ही रुड़की से मवेशी चोरी कर उत्तर प्रदेश में बेचने की योजना थी। इसी कार्य के लिए उन्होंने इन वाहनों की चोरी की।

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