
देहरादून। कुल्हाल बैरियर से आगे निहंगों के बढ़ने की सूचना के बाद शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। सबसे बड़ा सवाल यही बना रहा कि यदि निहंग कुल्हाल से आगे आ गए थे तो आखिर वे गए कहां। इस सवाल का स्पष्ट जवाब न तो पुलिस अधिकारियों के पास था और न ही प्रशासन के पास। डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल प्रेमनगर में एक घंटे तक मोर्चे पर डटे रहे लेकिन उन्हें भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
निहंगों के दून की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस ने प्रेमनगर के साथ ही सेलाकुई और सहसपुर क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और संभावित रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस टीमों ने वाहनों की जांच की और आने-जाने वालों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
कुल्हाल क्षेत्र से सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने निहंगों की संभावित आवाजाही को लेकर अलग-अलग टीमें सक्रिय कीं। सेलाकुई, सहसपुर और प्रेमनगर के बीच के मार्गों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई। कई जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोककर पूछताछ भी की गई।
हालांकि, काफी देर तक निहंगों के जत्थे की सही लोकेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सूचनाएं जुटाते रहे, लेकिन कुल्हाल से आगे बढ़ने की बात के बाद उनका कोई ठोस पता नहीं चल पाया। इससे स्थानीय लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।
प्रेमनगर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण दो घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। वहीं सेलाकुई और सहसपुर में भी पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। बाद में स्थिति सामान्य होने पर पुलिस बल लौटने लगा, लेकिन निहंगों की लोकेशन को लेकर सवाल बरकरार रहा।
निहंगों के दून में घुसने की आशंका से पुलिस और खुफिया विभाग हाई अलर्ट पर आ गया। गुरुद्वारों में निगरानी के लिए आस-पास सादी वर्दी में जवानों को तैनात कर दिया गया। खुफिया विभाग के लोगों ने रात से गुरुद्वारों के आस-पास डेरा डाल लिया। निहंगों के दून में प्रवेश करने की आशंका पर पुलिस शहरभर में हाईअलर्ट पर है।

