
देहरादून। बिहार में बैठे साइबर ठग नाबालिगों को ढाल बनाकर देशभर से चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को ठग रहे हैं। एसटीएफ ने हेली सेवा बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले इस संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। बिहार के नालंदा जिले से गिरोह के दो मुख्य सदस्यों दीपक कुमार और विजित कुमार उर्फ मिकी को गिरफ्तार किया गया है। जांच में इनके देशभर में फैले नेटवर्क और लाखों रुपये की धोखाधड़ी के सुराग मिले हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम अकाउंट, व्हाट्सएप नंबर और नकली वेबसाइट बनाकर खुद को अधिकृत हेलीकॉप्टर सेवा एजेंट बताता था। श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन, तुरंत कन्फर्म टिकट और सीमित सीट उपलब्ध जैसे लालच देकर विश्वास में लिया जाता था।
इसके बाद उनसे ऑनलाइन भुगतान कराकर फर्जी टिकट भेज दिए जाते थे। गिरोह ठगी की रकम विभिन्न लोगों के बैंक खातों में मंगाता था। इन खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। बाद में एटीएम के जरिये रकम निकाल ली जाती थी और गिरोह के सदस्यों के बीच 15 से 25 प्रतिशत तक कमीशन बांटा जाता था।
बिहार में जांच के दौरान एसटीएफ ने कुछ नाबालिगों से भी पूछताछ की। साइबर अपराधी किशोरों और नाबालिगों को भी इस नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कई बार अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए अनजान लोगों के मोबाइल हॉटस्पॉट और इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार शेरपुर बिहार शरीफ का रहने वाला है और विजित कुमार उर्फ मिकी शेखपुरा बिहार का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक, दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, सिम, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि बरामद किए गए हैं।
जांच के दौरान एसटीएफ को गृह मंत्रालय के आईफोरसी और बिहार पुलिस से महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलीं। इसी क्रम में नालंदा के शिव कुमार पासवान उर्फ फुलटून का नाम भी सामने आया, जो बिहार में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी मुकदमे में आरोपी है। पूछताछ में उसके उत्तराखंड में संचालित हेली सेवा धोखाधड़ी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। उसके खिलाफ बी-वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

