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देहरादून। देहरादून के सेलाकुई में तंत्र-मंत्र और अनिष्ट का भय दिखाकर एक महिला से 65 तोला सोना ठगने वाले कथित बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15 तोला सोना और पांच लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि वो लालच में आकर तांत्रिक का काम करने लगा था। आरोपी को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया है।

 

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शहीद किशन थापा मार्ग निवासी ओशीन गुरुंग ने बीती 31 मई को राहुल थापा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तंत्र-मंत्र और अनिष्ट का भय दिखाकर महिला को पूजा-अनुष्ठान कराने के लिए तैयार किया। पूजा के दौरान उसने महिला और उसकी मां के करीब 65 तोला सोने के आभूषण एक संदूक में रखवाए और मौका मिलते ही उनको लेकर फरार हो गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नौ जून को मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद गठित विशेष टीमों ने तेलपुरा अटक फार्म निवासी राहुल थापा पुत्र गिरीश थापा को सेलाकुई क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की वारदात स्वीकार की।

 

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2013 से पंडिताई का काम कर रहा है। अधिक धन कमाने के लालच में उसने ठगी का यह तरीका अपनाया। वह संपन्न शिष्यों के घरों के बाहर रात में जादू-टोने से जुड़ी सामग्री वाली पोटली फेंक देता था। अगले दिन फोन कर सपने में अनिष्ट का संकेत की बात कहता, घर में टोना-टोटका होने का भय दिखाता था। इसके बाद अनुष्ठान के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।

 

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर आभूषणों को गलाकर बनाए गए 15 तोला सोने के बिस्कुटनुमा बार और आभूषण बेचकर हासिल किए गए पांच लाख रुपये बरामद किए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि घटना करीब तीन माह पुरानी होने के कारण बरामदगी में दिक्कतें आ रही हैं। शेष आभूषणों की बरामदगी के लिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। उसके आपराधिक रिकॉर्ड, संभावित सहयोगियों के साथ इसी तरह की और घटनाओं की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक अगली सुबह आरोपी ने ओशीन गुरुंग को फोन करके घर पर बड़े टोना-टोटके का दावा किया और गेट के पास पड़ी पोटली देखने को कहा। वीडियो कॉल पर पोटली दिखाने के बाद उसने महिला को डराया और अनिष्ट टालने के लिए पूजा कराने की सलाह दी। इसके लिए कुछ सामग्री की सूची भी दी गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़िता का दूर का रिश्तेदार भी है और उसे परिवार की स्थिति की जानकारी थी। इसके चलते उसने बड़ी योजना बनाई। एक मार्च की रात वो स्कूटर से पीड़िता के घर पहुंचा और गेट में काले कपड़े में बंधी पोटली फेंक दी। पोटली में उड़द की दाल, रोली, लौंग, नींबू का टुकड़ा और कुछ सामग्री रखी गई थी।

आरोपी ने अनुष्ठान के लिए नया संदूक खरीदने को कहा। पूजा के दौरान उसने महिला और उसकी मां के आभूषण पोटली में बांधकर संदूक में रखवाए। साथ ही तीन नारियल, चावल और फूल भी रखे। इसके बाद आरोपी ने दोनों महिलाओं को चावल के दाने देकर छत की परिक्रमा करने भेज दिया। इसी दौरान उसने संदूक से आभूषण निकाल लिए और संदूक को दोबारा बंद कर दिया। पूजा के बाद उसने संदूक मंदिर में रखने और 62 दिन बाद स्वयं आकर खोलने की बात कही थी।

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