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एडिटर इन चीफ अजय अनेजा।

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हल्द्वानी। कक्षा आठ की छात्रा से दुष्कर्म करने के अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

31 मई 2019 को चोरगलिया थाने में क्षेत्र की ही एक महिला ने विक्रम सिंह नाम के युवक पर 13 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने व धमकाने का आरोप लगाया था। शिकायत के मुताबिक, 30 मई 2019 को उसकी बेटी क्षेत्र की ही एक अन्य युवती व उसके दो चचेरे भाइयों के साथ गांव के ही एक समारोह में गई थी। वापस लौटते समय उन्हें विक्रम मिला जो दूसरी युवती का परिचित था और उसने उन्हें कार से घर छोड़ने की बात कही। आरोपी ने बाकी लोगों को तो उनके घर पर छोड़ दिया लेकिन किशोरी के घर पर कार न रोकते हुए इलाके से बाहर ले गया। वहां उसने किशोरी से दुष्कर्म किया और परिवार को जान से मारने की धमकी देकर डराया। इसके बाद उसे घर छोड़कर फरार हो गया। अगली सुबह किशोरी ने मां को पूरी बात बताई तो मां की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई।27 जुलाई 2019 को मामला कोर्ट पहुंचा और 11 नवंबर 2019 से सुनवाई शुरू हुई। कोविड काल के चलते मामले की सुनवाई टलती रही। पीड़िता की ओर से केस लड़ रहे एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि कोविड काल के बाद जब सुनवाई दोबारा शुरू हुई तो कोर्ट में आरोपी के खिलाफ उन्होंने नौ गवाह पेश किए। कोर्ट ने आरोपी विक्रम को दोषी मानते हुए बीस साल के सश्रम कारावास और 21 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीड़िता को चार लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने के आदेश दिए हैं।

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