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रुद्रपुर। रुद्रपुर पुलिस ने साइबर अपराधों से जुड़े संदिग्ध म्यूल खातों की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पिथौरागढ़ में रहने वाला एक व्यक्ति आर्मी की हवलदार पद से नौकरी छोड़कर डीजीआर का फील्ड ऑफिसर बन गया। इसके बाद पूर्व सैनिकों से ठगी की। रुद्रपुर थाने में अभियुक्त के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

सीओ सिटी प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस साइबर अपराधों से संबंधित संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच कर रही है। इसी क्रम में एसएसआई अनिल जोशी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचकर संदिग्ध खाते की जानकारी जुटाई। इसमें एक खाता बलगरी बेरीनाग पिथौरागढ़ निवासी जितेन्द्र सिंह असवाल के नाम पर मिला। बैंक के उप प्रबंधक योगेश चंद्र भट्ट से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि बैंक रिकाॅर्ड के अनुसार संयुक्त खाता जितेंद्र और उसकी पत्नी लक्ष्मी कार्की के नाम पर है।

इसमें 31002 रुपये होल्ड लगे हैं। इस बारे में पुलिस जितेंद्र के पास पहुंची और पूछताछ की। पता चला कि वर्ष 2013 में जितेंद्र 19 कुमाऊं रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। वर्ष 2021 में मेडिकल कैटेगरी में घर आ गया। वर्ष 2022 में डीजीआर (भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास और पुनः रोजगार के लिए एक संगठन) में कार्य करने लगा।
डीजीआर में एक साल काम करने के बाद काम छोड़ दिया था। डीजीआर में पूर्व सैनिक जॉब के लिए अपना बायोडेटा जमा करने आते थे। वहीं उनके मोबाइल नंबर व डिटेल रहती थी। वहां जॉब करने के लिए रुपये मांगते थे। तब उसने फील्ड ऑफिसर बनकर पूर्व सैनिकों के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। करीब आठ से 10 पूर्व सैनिकों से जॉब लगाने के नाम पर ढाई-तीन लाख रुपये ले लिए। सुरक्षा गार्ड की नौकरी देने के एवज में कई लोगों से 20 हजार लिए। रुपये लेने की पुष्टि होने के बाद जितेंद्र के खिलाफ रुद्रपुर कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है।

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