
किच्छा। ऊधमसिंहनगर के थाना पुलभट्टा क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग वर-वधू का विवाह कराया जा रहा था। सूचना मिलने पर बाल विवाह रोकथाम टीम मौके पर पहुंची और पुलभट्टा पुलिस के सहयोग से विवाह रुकवा दिया। बाल अधिकारों के लिए कार्य करने वाले एनजीओ की परियोजना निदेशक की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
एनजीओ इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) की बाल विवाह रोकथाम टीम पुलभट्टा क्षेत्र के एक गांव में पहुंची थी। इस दौरान टीम को जानकारी मिली कि गांव के मंदिर में हो रहे विवाह में वर-वधू दोनों नाबालिग हैं। सूचना मिलने पर एनजीओ की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर सूचना दी। इसके बाद वह पुलभट्टा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। मौके पर वधू के माता-पिता, ताई और वर के चाचा मौजूद मिले। दोनों पक्ष एक ही गांव के पड़ोसी बताए गए हैं। पुलिस ने परिजनों को वर-वधू के जन्मतिथि संबंधी दस्तावेजों के साथ थाने बुलाया। जांच में वधू के आधार कार्ड और कक्षा नौ की अंकतालिका के अनुसार उसकी उम्र 15 वर्ष 10 माह 5 दिन पाई गई। वहीं वर के आधार कार्ड और अंकतालिका के अनुसार उसकी उम्र 17 वर्ष 4 माह 5 दिन मिली। इसके बाद विवाह रुकवा दिया गया। पुलभट्टा थाना प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि किशोरी के माता-पिता, ताई और किशोर के चाचा के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं आईएसडी की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने बताया मौके पर किशोर के चाचा मौजूद थे।

